मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
अरण्यकाण्ड 3.32
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चौपाई
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गिद्ध; यहाँ जटायु | vulture; here, Jatayu | |
| शरीर | body | |
| त्यागकर | having left behind | |
| धारण करके | having assumed | |
| भगवान विष्णु | Lord Vishnu | |
| रूप | form | |
| आभूषण | ornaments | |
| अनेक | many | |
| वस्त्र | garments | |
| पीले | yellow | |
| अनुपम; बेजोड़ सुंदर | exquisite; peerlessly beautiful |
भावार्थ
जटायु ने गिद्ध का शरीर छोड़कर हरि जैसा रूप धारण किया—अनेक आभूषण और अनुपम पीले वस्त्र पहने हुए।
Jatayu left his vulture body and assumed a form like Hari’s, adorned with many ornaments and exquisite yellow garments.
। ।।
| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| श्याम वर्ण का | dark-hued | |
| शरीर | body | |
| विशाल | large and mighty | |
| भुजाएँ | arms | |
| चार | four | |
| स्तुति; गुणों का गान | praise; extolling the Lord | |
| कर रहे थे | was offering | |
| आँखें; यहाँ आँखों में | eyes; here, in his eyes | |
| भरकर | filled with | |
| जल; यहाँ आँसू | water; here, tears |
भावार्थ
उनका शरीर श्याम था और चार विशाल भुजाएँ थीं। आँखों में आँसू भरकर वे प्रभु की स्तुति कर रहे थे।
His body was dark-hued, with four mighty arms. With his eyes full of tears, he praised the Lord.
छंद और दोहा · पृ. 663
जय राम रूप अनूप निर्गुन सगुन गुन प्रेरक सही।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
जयटिप्पणीयह व्याख्या AI-निर्मित प्रारूप है, किसी संस्करण या प्रामाणिक टीका का उद्धरण नहीं। / This explanation is an AI draft, not a quotation from an edition or authoritative commentary. | जय हो | glory to |
| राम | हे भगवान राम | O Lord Rama |
| रूप | स्वरूप | form |
| अनूप | अनुपम | incomparable |
| निर्गुन | गुणों से परे | beyond qualities |
| सगुन | गुणों से युक्त | endowed with qualities |
| गुन | प्रकृति के गुणों के | of nature’s qualities |
| प्रेरक | प्रेरणा और गति देने वाले | impeller |
| सही | निश्चय ही | truly |
भावार्थ
हे अनुपम रूप वाले राम, आपकी जय हो! आप निर्गुण भी हैं, सगुण भी और गुणों के सच्चे प्रेरक हैं।
Glory to Rama of incomparable form! You are beyond qualities, possess qualities, and are truly their impeller.
दससीस बाहु प्रचंड खंडन चंड सर मंडन मही॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| दससीस | दस सिर वाले रावण की | of ten-headed Ravana |
| बाहु | भुजाओं का | arms |
| प्रचंड | अत्यंत बलशाली | mighty |
| खंडन | खंडन करने वाले | severer |
| चंड | प्रचंड | fierce |
| सर | बाण | arrows |
| मंडन | भूषण | adornment |
| मही | पृथ्वी के | of the earth |
भावार्थ
आप दस सिर वाले रावण की प्रचंड भुजाओं का खंडन करने वाले, प्रचंड बाणों वाले और पृथ्वी के भूषण हैं।
You sever the mighty arms of ten-headed Ravana, wield fierce arrows, and adorn the earth.
पाथोद गात सरोज मुख राजीव आयत लोचनं।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| पाथोद | मेघ के समान | like a rain cloud |
| गात | शरीर | body |
| सरोज | कमल के समान | lotus-like |
| मुख | मुख | face |
| राजीव | कमल के समान | lotus-like |
| आयत | लंबे और विस्तृत | elongated and wide |
लोचनंटिप्पणीसंस्कृत-सदृश ‘ं’ अंत; यहाँ राम के नेत्रों का विशेषण। / Sanskrit-like ending; describes Rama’s eyes. | नेत्रों वाले | having eyes |
भावार्थ
आपका शरीर मेघ के समान, मुख कमल के समान और लंबे नेत्र कमल के समान हैं।
Your body resembles a rain cloud, your face a lotus, and your elongated eyes lotuses.
नित नौमि रामु कृपाल बाहु बिसाल भव भय मोचनं॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नित | नित्य | daily |
नौमिटिप्पणीसंस्कृत प्रथम पुरुष एकवचन क्रिया। / Sanskrit first-person singular verb. | मैं प्रणाम करता हूँ | I bow to |
रामुटिप्पणी‘रामु’ अवधी रूप है; ‘नौमि’ का कर्म। / Awadhi form, the object of ‘I bow to’. | भगवान राम को | Lord Rama |
| कृपाल | कृपालु | compassionate |
| बाहु | भुजाएँ | arms |
| बिसाल | विशाल | mighty |
| भव | संसार का | of worldly existence |
| भय | भय | fear |
मोचनंटिप्पणी‘भव भय’ से जुड़ा संस्कृत-सदृश विशेषण। / Sanskrit-like epithet linked to fear of worldly existence. | मुक्त करने वाले | liberator from |
भावार्थ
मैं विशाल भुजाओं वाले कृपालु राम को नित्य प्रणाम करता हूँ, जो संसार के भय से मुक्त करते हैं।
I daily bow to compassionate Rama, whose arms are mighty and who releases one from the fear of worldly existence.
बलमप्रमेयमनादिमजमब्यक्तमेकमगोचरं ।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
बलमप्रमेयमनादिमजमब्यक्तमेकमगोचरंटिप्पणीएक ही दिए गए पद में अनेक संस्कृत-सदृश रूप जुड़े हैं: बलम्, अप्रमेयम्, अनादिम्, अजम्, अब्यक्तम्, एकम्, अगोचरम्। / The supplied single token joins several Sanskrit-like forms; its endings describe the Rama being praised. | अपरिमेय बल वाले, अनादि, अजन्मा, अव्यक्त, एक और इंद्रियों से अगोचर | of immeasurable strength, beginningless, unborn, unmanifest, one, and beyond sensory perception |
भावार्थ
उनका बल अपरिमेय है; वे अनादि, अजन्मा, अव्यक्त, एक और इंद्रियों की पहुँच से परे हैं।
His strength is immeasurable; he is beginningless, unborn, unmanifest, one, and beyond sensory perception.
गोबिंद गोपर द्वंद्वहर बिग्यानघन धरनीधरं॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| गोबिंद | गोविंद, भगवान का नाम | Govinda, a name of the Lord |
गोपरटिप्पणीयहाँ ‘गो’ = इंद्रियाँ, ‘पर’ = परे। / Here ‘go’ means senses and ‘para’ means beyond. | इंद्रियों से परे | beyond the senses |
द्वंद्वहरटिप्पणीसुख-दुःख जैसे विपरीत युग्म। / Opposing pairs such as pleasure and pain. | द्वंद्वों को हरने वाले | remover of dualities |
| बिग्यानघन | विशुद्ध ज्ञान के घनस्वरूप | embodiment of pure knowledge |
धरनीधरंटिप्पणीसंस्कृत-सदृश ‘ं’ अंत वाला विशेषण। / Epithet with a Sanskrit-like ending. | पृथ्वी को धारण करने वाले | sustainer of the earth |
भावार्थ
वे गोविंद, इंद्रियों से परे, द्वंद्वों को हरने वाले, विशुद्ध ज्ञान के घनस्वरूप और पृथ्वी को धारण करने वाले हैं।
He is Govinda, beyond the senses, remover of dualities, the embodiment of pure knowledge, and sustainer of the earth.
जे राम मंत्र जपंत संत अनंत जन मन रंजनं।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
जेटिप्पणीसंदर्भ में राम से जुड़ा संबंधवाचक रूप। / Relative form referring to Rama. | जिनका | whose |
| राम | राम-नाम का | of Rama’s name |
| मंत्र | मंत्र | sacred formula |
| जपंत | जपते हैं | chant |
| संत | संतजन | saints |
अनंतटिप्पणीयहाँ राम का विशेषण। / Here an epithet of Rama. | अनंत | infinite |
| जन | लोगों के | people’s |
| मन | मन को | hearts |
रंजनंटिप्पणीसंस्कृत-सदृश विशेषण, ‘जन मन’ से संबद्ध। / Sanskrit-like epithet linked to people’s hearts. | आनंद देने वाले | delighter of |
भावार्थ
संत जिनके राम-मंत्र का जप करते हैं, वे अनंत हैं और जनों के मन को आनंद देते हैं।
Saints chant his Rama-mantra; he is infinite and delights people’s hearts.
नित नौमि राम अकाम प्रिय कामादि खल दल गंजनं॥ २॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| नित | नित्य | daily |
| नौमि | मैं प्रणाम करता हूँ | I bow to |
| राम | भगवान राम को | Lord Rama |
| अकाम | निष्काम जनों को | to those free of desire |
| प्रिय | प्रिय | dear |
| कामादि | काम आदि विकारों का | of desire and other vices |
| खल | दुष्ट | wicked |
| दल | समूह | host |
गंजनंटिप्पणीसंस्कृत-सदृश विशेषण; ‘कामादि खल दल’ इसका कर्म है। / Sanskrit-like epithet whose object is the wicked host of desire and other vices. | नाश करने वाले | destroyer |
भावार्थ
मैं उन राम को नित्य प्रणाम करता हूँ, जो निष्काम जनों को प्रिय हैं और काम आदि दुष्ट विकारों के समूह का नाश करते हैं।
I daily bow to Rama, dear to those free of desire, who destroys the wicked host of desire and other vices.
जेहि श्रुति निरंजन ब्रह्म ब्यापक बिरज अज कहि गावहीं।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जेहि | जिन्हें | whom |
| श्रुति | वेद | the Vedas |
| निरंजन | मलिनता से रहित | stainless |
| ब्रह्म | परम सत्य ब्रह्म | Brahman, the ultimate reality |
| ब्यापक | सर्वव्यापक | all-pervading |
| बिरज | रज या मल से रहित | free of impurity |
| अज | अजन्मा | unborn |
| कहि | कहकर | calling him |
| गावहीं | गुणगान करते हैं | sing his praise |
भावार्थ
वेद जिन्हें निरंजन, ब्रह्म, सर्वव्यापक, निर्मल और अजन्मा कहकर गाते हैं—
The Vedas sing of him as stainless Brahman, all-pervading, pure, and unborn—
करि ध्यान ग्यान बिराग जोग अनेक मुनि जेहि पावहीं॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| करि | करके | practicing |
| ध्यान | ध्यान | meditation |
| ग्यान | ज्ञान | knowledge |
| बिराग | वैराग्य | detachment |
| जोग | योग | yoga |
| अनेक | अनेक | many |
| मुनि | मुनिजन | sages |
| जेहि | जिन्हें | whom |
| पावहीं | प्राप्त करते हैं | attain |
भावार्थ
अनेक मुनि ध्यान, ज्ञान, वैराग्य और योग का अभ्यास करके जिन्हें प्राप्त करते हैं—
Whom many sages attain through meditation, knowledge, detachment, and yoga—
सो प्रगट करुना कंद सोभा बृंद अग जग मोहई।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | वही | that same one |
| प्रगट | प्रकट हुए | has manifested |
| करुना | करुणा के | of compassion |
| कंद | मूल स्रोत | root source |
| सोभा | शोभा का | of beauty |
| बृंद | पुंज | treasury |
| अग | अचल या जड़ जगत को | the stationary world |
जगटिप्पणी‘अग जग’ = अचल और चल; यहाँ ‘जग’ केवल ‘संसार’ नहीं। / ‘Ag jag’ denotes stationary and moving beings, not simply ‘the world’. | चल या चेतन जगत को | the moving world |
| मोहई | मोहित करते हैं | enchants |
भावार्थ
वही प्रकट हुए हैं; करुणा के मूल और शोभा के पुंज होकर वे जड़ और चेतन सबको मोहित करते हैं।
That same one has manifested; the source of compassion and a treasury of beauty, he enchants all that is stationary and moving.
मम हृदय पंकज भृंग अंग अनंग बहु छबि सोहई॥ ३॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मम | मेरे | my |
| हृदय | हृदय के | of the heart |
| पंकज | कमल के | of the lotus |
भृंगटिप्पणीराम के हृदय में बसने का रूपक। / Metaphor for Rama dwelling in the heart. | भ्रमर | bee |
| अंग | अंग | limbs |
| अनंग | कामदेव की | of the god of love |
बहुटिप्पणी‘बहु अनंग’ के भाव में: अनेक कामदेवों की छवि। / In the sense of the beauty of many gods of love. | अनेकों की | of many |
| छबि | सुंदरता से | with beauty |
| सोहई | शोभित हैं | shine |
भावार्थ
वे मेरे हृदय-कमल के भ्रमर हैं; उनके अंग अनेक कामदेवों की सुंदरता से सुशोभित हैं।
He is the bee of my heart’s lotus; his limbs shine with the beauty of many gods of love.
जो अगम सुगम सुभाव निर्मल असम सम सीतल सदा।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| जो | जो | who |
| अगम | पहुँच से परे | beyond reach |
| सुगम | सहज सुलभ | readily accessible |
| सुभाव | स्वभाव से | in nature |
| निर्मल | निर्मल | pure |
| असम | अतुलनीय | unequalled |
| सम | समभाव वाले | impartial |
| सीतल | शांत और शीतल | serene and soothing |
| सदा | सदा | always |
भावार्थ
जो पहुँच से परे होकर भी सहज सुलभ हैं, जिनका स्वभाव निर्मल है, जो अतुलनीय, समभाव वाले और सदा शीतल हैं—
Who is beyond reach yet readily accessible, pure in nature, unequalled, impartial, and always serene—
पस्यंति जं जोगी जतन करि करत मन गो बस सदा॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
पस्यंतिटिप्पणीसंस्कृत ‘पश्यन्ति’ के अनुरूप रूप। / A form corresponding to Sanskrit ‘paśyanti’. | देखते हैं | behold |
जंटिप्पणीसंदर्भ में संस्कृत ‘यं’ के अर्थ का रूप। / Contextually corresponds to Sanskrit ‘yam’, ‘whom’. | जिन्हें | whom |
| जोगी | योगीजन | yogis |
| जतन | प्रयत्न | effort |
| करि | करके | making |
| करत | करते हुए | keeping |
| मन | मन को | the mind |
| गो | इंद्रियों को | the senses |
| बस | वश में | under control |
| सदा | सदा | continually |
भावार्थ
योगी यत्न करके और मन तथा इंद्रियों को सदा वश में रखते हुए जिनका दर्शन करते हैं—
Whom yogis behold through effort, continually keeping the mind and senses under control—
सो राम रमा निवास संतत दास बस त्रिभुवन धनी।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सो | वही | that same |
| राम | भगवान राम | Lord Rama |
रमाटिप्पणीरमा देवी लक्ष्मी का नाम है। / Rama here names the goddess Lakshmi. | लक्ष्मी का | of Lakshmi |
| निवास | निवासस्थान | abode |
| संतत | सदा | always |
| दास | भक्तों के | to his devotees |
| बस | वश में | subject |
| त्रिभुवन | तीनों लोकों के | of the three worlds |
| धनी | स्वामी | lord |
भावार्थ
वही राम, लक्ष्मी के निवास और तीनों लोकों के स्वामी, सदा अपने भक्तों के वश में रहते हैं।
That same Rama, the abode of Lakshmi and lord of the three worlds, is always subject to his devotees.
मम उर बसउ सो समन संसृति जासु कीरति पावनी॥ ४॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| मम | मेरे | my |
| उर | हृदय में | in the heart |
बसउटिप्पणीप्रार्थनात्मक क्रिया। / A verb expressing a prayer or wish. | बसें | may dwell |
| सो | वे | that one |
| समन | शमन करने वाले | one who brings to an end |
| संसृति | जन्म-मरण के संसार-चक्र का | the cycle of worldly existence |
| जासु | जिनकी | whose |
| कीरति | कीर्ति | glory |
पावनीटिप्पणीस्त्रीलिंग रूप ‘कीरति’ से संबद्ध। / Feminine form agreeing with ‘glory’. | पवित्र करने वाली | purifying |
भावार्थ
संसार-चक्र को शांत करने वाले वे राम मेरे हृदय में बसें, जिनकी कीर्ति पवित्र करने वाली है।
May that Rama dwell in my heart—he who brings worldly existence to an end and whose glory purifies.
अबिरल भगति मागि बर गीध गयउ हरिधाम।
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| अबिरल | अविच्छिन्न | unbroken |
| भगति | भक्ति का | of devotion |
| मागि | माँगकर | having asked for |
| बर | वरदान | the boon |
| गीध | गृध्रराज जटायु | Jatayu, the vulture |
गयउटिप्पणीअवधी भूतकाल, एकवचन। / Awadhi singular past-tense form. | गए | went |
| हरिधाम | भगवान के धाम को | to the Lord’s abode |
भावार्थ
अविच्छिन्न भक्ति का वर माँगकर गृध्रराज जटायु भगवान के धाम को गए।
Having asked for the boon of unbroken devotion, the vulture Jatayu went to the Lord’s abode.
तेहि की क्रिया जथोचित निज कर कीन्ही राम॥ ३२॥
| मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| तेहि | उन जटायु | that Jatayu |
कीटिप्पणीसंबंधसूचक; ‘तेहि की’ = उनकी। / Possessive marker; together with the preceding word, ‘his’. | की | his |
| क्रिया | अंत्येष्टि क्रिया | funeral rites |
| जथोचित | यथाविधि | duly |
| निज | अपने | his own |
| कर | हाथों से | with hands |
कीन्हीटिप्पणीभूतकालीन स्त्रीलिंग क्रिया, ‘क्रिया’ के अनुरूप। / Feminine past-tense verb agreeing with ‘rites’ in Hindi. | की | performed |
| राम | भगवान राम ने | Lord Rama |
भावार्थ
राम ने उनकी अंत्येष्टि यथाविधि अपने हाथों से की।
Rama performed his funeral rites duly with his own hands.