मूल पाठ · शब्दार्थ · भावार्थ
लङ्काकाण्ड दोहा / छंद · पृ. 772
AI प्रारूपये संदर्भानुसार AI द्वारा बनाए गए शब्दार्थ और भावार्थ हैं। विद्वान की समीक्षा बाकी है; त्रुटियाँ संभव हैं।16 / 16 शब्दों के अर्थ उपलब्ध
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| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| सुनिए | please listen | |
| सूर्यवंश के | of the solar dynasty | |
| पताका स्वरूप गौरव, हे राम | banner and glory, O Rama | |
| जामवंत, राम के रीछ-वीर सहयोगी | Jambavan, Rama’s bear-warrior ally | |
| हाथ | hands | |
| जोड़कर | having joined | |
| कहते हैं | says |
भावार्थ
जामवंत हाथ जोड़कर कहते हैं, “हे सूर्यवंश की पताका स्वरूप राम, सुनिए।” (यह अर्थ AI द्वारा तैयार प्रारूप है।)
With folded hands, Jambavan says, “Listen, O Rama, banner of the solar dynasty.” (This interpretation is an AI draft.)
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| अवधी / मूल शब्द | हिन्दी अर्थ | English meaning |
|---|---|---|
| हे स्वामी | O Lord | |
| नाम | name | |
| आपका | your | |
| पुल | bridge | |
| मनुष्य | people | |
| चढ़कर | having mounted it | |
| सांसारिक अस्तित्व का | of worldly existence | |
| समुद्र | ocean | |
| पार कर जाते हैं | cross over |
भावार्थ
“हे नाथ, आपका नाम ही सेतु है; उस पर चढ़कर मनुष्य संसार-सागर पार कर जाते हैं।” (यह अर्थ AI द्वारा तैयार प्रारूप है।)
“O Lord, your name is a bridge; by taking that bridge, people cross the ocean of worldly existence.” (This interpretation is an AI draft.)